यह जिम्मेदारियां हैं जो सोने नहीं देती


 लेख --- नोरीन नजीर


जिम्मेदारियां

यह जिम्मेदारियां हैं जो सोने नहीं देते

चाह कर भी जो रोने नहीं देते

चाहे कितना दूर भाग लो

जी खुद से अलग होने नहीं देते

कितने रंग हैं इसके

कहने को सिर्फ एक शब्द है

पर नापो गे इसकी गहराई अगर 

तू भी समझ ना पाओगे

आखिर क्यों है यह

कब तक है यह

इनका कोई समय नहीं

ना कोई रूप

ना कोई उम्र

आसान नहीं इनसे भागना

अपना लो एक बार

अपने आप रास्ते बन जाएंगे

अजीब है इनसे हर रिश्ता हमारा

अगर दोस्त बना के साथ चलोगे

नासिक तुम्हारी उड़ान में

मजबूत पार्क बनेंगे

बल्कि यकीन बनके तुमसे तुम्हारा आगाज करवाएंगे

और अगर बोध समझोगे इन्हें

जकड़ लेंगे यह तुम्हें

बिल्कुल उस रोज की तरह

जो शिवाय नुकसान के कुछ हासिल नहीं होने देता

यह अंदर ही अंदर भस्म कर देंगे

जीवन तो चल रहा होगा पर उड़ान कामयाबी की नहीं होगी

तू जरा संभल कर अपना ना इसकी अवतार को

क्योंकि चुनना तुम्हें ही है

बस चुनते समय हम यह गलती कर देते हैं

हम दूसरों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हैं

और खुद के प्रति एक जिम्मेदारी भूल जाते हैं

जिम्मेदारी कि हम खुद को बिखरने नहीं देंगे परिस्थितियों और भावनाओं के आ गए

जिम्मेदारी कि खुद को निधर मजबूत और अलग बनाएंगे

टॉप से भागना नहीं है

बस मित्र को मित्र से मिलाना है

Share:

1 comments:

Definition List

Unordered List

Support