पाकिस्तान में स्थिरता, भारत की एकता के लिए खतरा



TTP के मुददे पर तालिबान ने पाकिस्तान को उसकी औकात बता दी


लेख-- राजेंद्र भगत


15 अगस्त 1947 जब देश आजाद हुआ उसी समय पाकिस्तान ने भारत का विरोध करना शुरू कर दिया पहले रियासतों पर कब्जे को लेकर जिहाद छेड़ा, युद्ध किया,भारत से मुंह की खाने के बाद फिर पाकिस्तान ने दुनिया के अन्य देशों में भारत को बदनाम करने का प्रयास किया इसी दौरान पाकिस्तान के अंदरूनी हालात खराब होते गए परंतु पाकिस्तान भारत के विरोध के जनून में अपने अंदरूनी हालात को नजरअंदाज करते रहा और भारत के विरुद्ध शरारते करते रहा जिसके बाद भारत के साथ पाकिस्तान ने युद्ध भी छेड़े। पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा जो पूर्वी पाकिस्तान था वह पाकिस्तान से टूट गया पाकिस्तान फिर भी नहीं संभला वह भारत के विरुद्ध चालबाजी करता रहा इसी दौरान पाकिस्तान की राजनीति अंदर से खोखली होती रही फौजी तानाशाह पाकिस्तान पर समय-समय पर कब्जा करते रहे और लोगों का ध्यान भारत के कश्मीर की ओर दिलाते रहे ताकि लोग भारत के कश्मीर पर केंद्रित रहे और पाकिस्तान के अंदरूनी हालात पर पाकिस्तान की जनता आंखें मूंदे रहे और हुआ भी ऐसा। 

     एशिया के सबसे कमजोर देशों में पाकिस्तान गिना जाने लगा भारत दिन-ब-दिन तरक्की करता रहा विश्व समुदाय में भारत की पैठ बढ़ती गई भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था दुनिया को अपनी और आकर्षित करती रही भारत में दुनिया का आना-जाना बढ़ता रहा भारत के यूरोप के साथ मैत्री संबंध इसका प्रमाण है। एशिया में भारत का बढ़ता दबदबा भी यह प्रमाणित करता है कि भारत ने हर क्षेत्र में तरक्की की जिसे पाकिस्तान हजम नहीं कर सकता भारत के अफगानिस्तान में बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने कई आतंकवादी गुटों को पैदा किया वह भारत के राज्यों में अपनी कारगुजारीयों को अंजाम देते रहे भारत इन आतंकवादियों से लड़ते-लड़ते इतना ताकतवर हो गया कि भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादियों के कैंप पर हमला कर दिया और आपने पहले हमला ना करने के निर्णय को बदल दिया अब दुनिया में यह संदेश जाने लगा कि भारत को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों पर भारत हमला कर सकता है इसका परिणाम यह हुआ कि दुनिया के ताकतवर देशों में भारत की गिनती होने लगी पाकिस्तान जो हमेशा से भारत का दुश्मन रहा है उसने तालिबान के माध्यम से नई चाल चली पहले टीटीपी को पैदा किया ताकि वह अफगानिस्तान के तालिबान पर अपना नियंत्रण कर सके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इसमें कुछ हद तक कामयाबी रही परंतु तालिबान तो एक आतंकियों का समूह है वह किसी के उपकार को कैसे मान लेता वर्तमान में अफगानिस्तान के अंदर तालिबान ने कब्जा करने के बाद पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा दी जब पाकिस्तान ने तालिबान को यह संदेश दिया कि पाकिस्तान के अंदर जो गुट पाकिस्तान की एकता के लिए खतरा हैं उन पर तालिबान कार्रवाई करें परंतु तालिबान ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि यह आपके मुल्क की अपनी समस्या है इसे आप स्वयं हल करें इस बात से पाकिस्तान तिलमिला उठा अब पाकिस्तान की स्थिति उस सांप जैसी हो गई है जिसके मुख में छिपकली फंस चुकी है जिसे वह ना तो निकल सकता है और ना ही उगल सकता है अफगानिस्तान में तालिबान ने जिस गति से पूरे देश पर कब्जा किया है और तालिबान इस प्रयास में है कि वह अपने इस कब्जे को लंबे समय तक बरकरार रखें इसके लिए उसे अन्य देशों का समर्थन भी चाहिए भारत उसमें प्रमुख है क्योंकि भारत एशिया में दबदबा रखता है मध्य पूर्व के देशों में भारत का प्रभाव है अफगानिस्तान के अंदर भारत ने आम जनता के लिए बहुत कार्य किया है तालिबान चाहता है कि भारत इसी तरह से आने वाले समय में भी अफगानिस्तान के अंदर कार्य करें परंतु पाकिस्तान ऐसा नहीं चाहता वह अभी भी इस कोशिश में है कि अफगानिस्तान से भारत को दूर रखा जाए परंतु दुनिया जानती है और तालिबान भी जानता है कि भारत का प्रभाव अफगानिस्तान से कम करना या खत्म करना नामुमकिन है इसका कारण है कि अफगानिस्तान की संस्कृति भारत से काफी हद तक मेल खाती है और हजारों वर्षों के सांस्कृतिक संबंध भी अफगानिस्तान से भारत के रहे हैं परंतु तालिबान तो तालिबान है वह आतंकी गुटों का एक बड़ा समूह है जिसे चाहे जितना भी नियंत्रण किया जाए वह गलती जरूर करेगा क्योंकि जिहादी मानसिकता से बने तालिबान को इतनी आसानी से काबू करना किसी के बस की बात नहीं है अमेरिका का अफगानिस्तान से निकल जाना इसका उदाहरण है और पिछले लंबे समय तक अफगानिस्तान में बाहरी देशो का आना और युद्ध करना यह साबित करता है कि अफगानिस्तान में सक्रिय गुटों पर नियंत्रण पाना इतना आसान नहीं होगा आने वाले समय में यह ऊंट किस तरह करवट बदलता है तालिबान में कितना बदलाव आता है भारत की तालिबान पर कैसी रणनीति रहेगी दुनिया के देश तालिबान को किस नजर से देखेंगे अफगानिस्तान की जनता आने वाले समय में किस तरह का कोई बड़ा निर्णय लेगी यह तो समय तय करेगा परंतु यह जगजाहिर हो चुका है कि इस सब आतंक के पीछे पाकिस्तान का सीधा हाथ रहा है इस बात को लेकर दुनिया सचेत हुई है और आने वाले समय में पाकिस्तान पर कोई बड़ा निर्णय दुनिया ले सकती है यह बात पाकिस्तान भी जानता है

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